हेलो दोस्तों,
आज हम एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहे हैं जो सुनकर आप विश्वास नहीं करेंगे लेकिन इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आपको यकीन हो जायेगा कि ऐसा भी हो सकता है | इसलिए आप सभी इस पोस्ट को पूरा पढ़ें और दूसरों को भी शेयर करें |
जी हाँ हम बात करने वाले हैं ब्लैक होल की लेकिन वो ब्लैक होल नहीं जो अंतरिक्ष में पाया जाता है बल्कि ऐसा ब्लैक होल जो वैज्ञानिकों द्वारा लैब में बनाया गया है | आपने बिल्कुल सही सुना ब्लैक होल वैज्ञानिकों द्वारा लैब में बनाया जा चुका है |
ब्लैक होल एक ऐसा आकाशीय पिंड या तारा है जिसके आस पास कोई भी वस्तु या पिंड जाते ही वह उसे अपने अंदर समां लेता है | इसका गुरुत्वाकर्षण इतना ज्यादा होता है कि ये अपने अंदर से निकलने वाले प्रकाश को भी बाहर नहीं आने देता है जिसकी वजह से यह ब्लैक दिखाई देता है और अंतरिक्ष में यह एक ब्लैक होल के रूप में दिखाई देता है |
वैज्ञानिकों ने हॉकिंग रेडिएशन से ब्लैक होल बनाने की कोशिश की है | इस विकिरण का तात्पर्य है कि ब्लैक होल का तापमान उनके द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है। दूसरे तरीके से कहें तो, ब्लैक होल जितना छोटा होगा, उसकी चमक उतनी ही अधिक होती है | हाकिंग रेडिएशन एक संभावना है ब्लैक होल बनाने की जो एक मिश्रण है जनरल रिलेटिविटी और क्वांटम मैकेनिक्स की |
इसी हाकिंग रेडिएशन को इस्तेमाल करके वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल को लैब में बनाया है जो एक रिंग की तरह दिखाई देता है जैसे रियल ब्लैक होल के चरों तरफ दिखाई देता है |

Very impressive post