प्यारे दोस्तों,
अफ्रीका एक बहुत ही भयानक जियोलाजिकल परिवर्तन से गुजर रहा है | अफ्रीका पृथ्वी पर दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है | यहाँ पर विश्व का सबसे बड़ा मरुस्थल है जिसका नाम है सहारा मरुस्थल | यहीं पर विश्व की सबसे बड़ी नदी भी है जिसका नाम है नील नदी | पृथ्वी की जमीन पर सबसे बड़ा जानवर भी अफ्रीका में ही पाया जाता है जो है अफ्रीकन हाथी |
अफ्रीका दो भागों में बंट रहा है अपने पूर्वी क्षेत्र में | ये उत्तर में लाल सागर और दक्षिण में ज़िंबाबवे के बीच में दो भागों में साल दर साल बंट रहा है | यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमे टेक्टोनिक प्लेट एक दूसरे से अलग हो रही हैं | अफ्रीका महाद्वीप एक सोमाली प्लेट से मिलकर बना था लेकिन अब ये सोमाली प्लेट अफ्रीका से धीरे धीरे अलग हो रहा है जिसकी वजह से वहां एक दरार बन गयी है और ये दरार हर साल बढ़ती जा रही है |
एक समय आएगा जब ये सोमाली प्लेट अफ्रीका से अलग हो जायेगा और इन दोनों के बीच में एक नए समुद्र का निर्माण हो जायेगा | लेकिन अगर इन दोनों के अलग होने के बाद भी सोमाली प्लेट ने खिसकना बंद नहीं किया तो ये धीरे धीरे भारत की तरफ बढ़ेगा और एक दिन ऐसा आएगा जब यह प्लेट भारत के पश्चिमी तट से टकरा कर हिमालय जैसी पहाड़ियों का निर्माण करेगा | इस टकराव की वजह से भारत का पश्चिमी तट पूरी तरह से बर्बाद हो जायेगा और वहां हिमालय से भी ऊँचा पर्वत बनने की सम्भावना है |
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