चुनावी आदर्श आचार संहिता क्या है?
किसी भी चुनाव से पहले आचार संहिता लागु हो जाति है | आज हम बात करने वाले हैं आचार संहिता के बारे में | भारत का चुनाव आयोग चुनाव से सम्बंधित कार्यों के लिए जिम्मेदार है |
भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सभी राजनैतिक दलों और उमीदवारों के लिए चुनाव से सम्बंधित दिशा निर्देश बनाये जाते हैं | इन्ही नियमों को चुनाव आदर्श आचार संहिता कहा जाता है |
आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने के बाद सभी राजनैतिक दलों के लिए कुछ नियम लागू होते हैं जसमे उनको क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए ये स्साब नियम होते हैं | अगर की आदर्श आचार संहिता का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ चुनाव आयोग सख्त कार्यवाही कर सकता है | कुछ बहुत ही जरुरी नियम हम यहाँ चर्चा करने जा रहे हैं –
- कोई भी राजनितिक पार्टी या उमीदवार जाति या धर्म के आधार पर वोट नहीं मांग सकते हैं |
- कोई भी राजनैतिक दल या उमीदवार ऐसी गतिविधि नहीं करेगा जिससे लोगों के बीच घृणा और तनाव उत्पन्न हो |
- कोई भी पार्टी या नेता अपने विपक्ष वाले उमीदवार या पार्टी के कामों की आलोचना तो कर सकता है लेकिन उनकी निजी जिंदगी के बारे में कोई भी टिपण्णी नहीं कर सकता है |
- मतदाताओं को धमकाना, घूस देना प्रतिबंधित है |
- मतदान केन्द्रों के 100 मीटर दूरी तक प्रचार करना प्रतिबंधित है |
- मतदाताओं को वोट डालने के लिए वहां से लाने ले जाने की व्यवस्था करना भी प्रतिबंधित है |
- कोई भी दल या प्रत्याशी किसी के मकान या दीवार को उसके मालिक से आज्ञा लिए बिना प्रचार के लिए नहीं प्रयोग कर सकता है |
- कोई भी दल या पार्टी या प्रत्याशी किसी दूसरे प्रत्याशी या दल को सभा करने या जुलुस निकालने या पर्चा बाँटने से नहीं रोक सकता है |
- कोई भी दल जहा सभा कर रहा हो वहां के क्षेत्रीय पुलिस से अनुमति लेना अनिवार्य है |
- यदि कोई दल या प्रत्याशी जुलुस या सभा करने जा रहा है तो उसकी पूरी जानकारी वहां के प्रशासन को देनी होगी |
- मतदान के दिन और उसके 24 घंटे पहले मतदाताओं को शराब बाँटना प्रतिबंधित है |
- सत्ताधारी नेता प्रचार प्रसार के लिए किसी भी सरकारी कर्मचारी या भवन को नहीं उपयोग कर सकते है |
- हवाई अड्डों, हेली पेडों और सार्वजनिक स्थलों पर सत्ताधारियो का एकाधिकार नहीं होगा |
- कोई भी सत्ताधारी मंत्री अपने विवेकाधीन निधि से कोई भी भुगतान नहीं कर सकते |
- सत्ताधारी मंत्री किसी भी नई योजना की घोषणा नहीं कर सकते हैं |
- सरकार या विभाग में कोई भी तदर्थ या एड हॉक नियुक्ति नहीं की जा सकती है |
इनके अलावा और भी कई नियम हैं जो किसी भी दल या प्रत्याशी को इनका उलंघन नहीं करना चाहिए | आदर्श आचार संहिता का उलंघन करना दंडनीय अपराध है |

Nice Sir